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why ola electric scooter Failed | ओला स्कूटर स्कैम

अभी तक ola के इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की खबर सामने आती थी लेकिन अब तो ola इलेक्ट्रिक के इतने बुरे हॉल हो चुके है। अब इनके शोरूम में भी आग लगाने की खबर सामने आ रही है और कस्टमर कम्प्लेन के मामले में तो ola ने रिकॉर्ड ही बना दिया जी हाँ दोस्तों एक महीने में ओला के 80 हजार स्कूटर सर्विस सेण्टर पहुंचे हैं। 



तो आखिर क्यों ola इलेक्ट्रिक दिन प्रति दिन खड़े में जा रही है, क्यों ola के स्कूटर में इतनी जयदा प्रॉब्लम आती है, क्या ओला का स्कूटर खरीदना चाहिए या नहीं। आपके इन्ही सभी सवालो का जबाब मिलेगा दोस्तों आज के इस आर्टिकल में। 

तो जिस हिसाब से ओला ने लोगो को सपने दिखाये थे एक सस्ता, फीचर्स लोडेड और हाई रेंज वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर का ये सब चुनाव में किये जाने वाले नेताओ के वादे की तरह थे जो किये तो जाते है लेकिन असल में होता कुछ और ही है। ओला का इलेक्ट्रिक स्कूटर फीचर लोडेड से जयदा प्रॉब्लम लोडेड है। इस में एक या दो नहीं बल्कि 36 प्रकार की प्रॉब्लम अक्सर कस्टमर को झेलना पड़ता है।  यही कारण है की अब ओला के 80 हजार से ज़्यदा स्कूटर एक महीने के अंदर ही ओला के सर्विस सेंटर में पहुंच रहे हैं। सभी सर्विस सेण्टर खचाखक भरे पड़े है। सर्विस के लिए 2 से 3 महीने का वेटिंग टाइम चल रहा है।  इस बात से अंदजा लगाया जा सकता है की ओला के हालत बहुत ख़राब चल रहे हैं। 

ola का इलेक्ट्रिक स्कूटर है जानलेवा

ओला के स्कूटर में समस्यांए इतनी गंभीर है कि यह स्कूटर आपकी जान भी ले सकता है जी हां। सभी स्कूटर के फ्रंट suspension के साथ एक पार्ट जुड़ा होता है जिसे फोर्क कहा जाता है। अब जरा सोचिये आप अपनी स्कूटर से हाईवे पर चल रहे है और चलते चलते आपके स्कूटर का fork टूट जाय तो आपका क्या हाल होगा। हाई चांस है जान भी जा सकती है। ऐसा ही कुछ हो चूका है ओला स्कूटर के कई सारे कस्टमर के साथ इसके एक या दो मामले नहीं बल्कि नंबर काफी ज़्यदा बड़ा है। 

ओला के इलेक्ट्रिक स्कूटर से लोग इतने परेशान हो चुके है कंही ओला के शोरूम बंद करने के लिए लोग प्रोटेस्ट कर रहे है तो कंही लोग शोरूम को ही आग के हवाले कर रहे है। जी हाँ दोस्तों हाल में कर्नाटक से एक खबर सामने आई जिसमें एक शख्स ने ओला का नया स्कूटर खरीदा लेकिन अगले दिन ही उस स्कूटर में कई सारी प्रॉब्लम आने लग गई थी उसने सर्विस सेंटर में जाकर अपनी समस्या को बताए तो ओला सर्विस सेंटर से उसे कोई भी रिस्पांस नहीं मिला। फ्रस्ट्रेटेड और गुस्सा होकर उस शख्स ने ओला के उस शोरूम को आग लगा दी जहाँ से उसने ओला स्कूटर ख़रीदा था। 

तो अब सवाल आता है कि आखिर इन सभी समस्याओं की जड़ क्या है। क्यों ओला इतनी बेकार क्वालिटी के स्कूटर बना रहा है। तो ओला के इलेक्ट्रिक स्कूटर failure के पीछे 3 main कारण है। 

  1. quality and reliability issue
  2. Poor customer support 
  3. Week मैनेजमेंट 

One by one तीनो कारणों को समझने की कोशिश करते है। 

ola ev scooter quality and reliability issue

ओला स्कूटर के फेलियर का पहला कारण है  , quality and reliability issue ओला स्कूटर की क्वालिटी तो इतनी ख़राब है की इनमे एक या दो नहीं बल्कि 36 प्रकार की प्रॉब्लम है इनमे ज्यादातर  repeated इशू है जैसे डिस्प्ले हैंग, सॉफ्टवेर इशू,  स्टार्टिंग प्रॉब्लम, ब्रेक जाम, front fork failure, ऑटो स्पीड हाई और कभी कभी तो स्कूटर फॉरवर्ड मोड में रिवर्स चलने लगता है। जहाँ क्वालिटी ही अच्छी नहीं होगी तो वहां रेलिबिलिटी का तो फिर नाम ही नहीं आता। 

तो इन सब प्रॉब्लम पीछे main कारण है। प्रॉपर रिसर्च एंड डेवेलोपमेन्ट की कमी , जहाँ दोस्तों किसी रेपुटेड कंपनी नया प्रोडक्ट बनाने के लिए रिसर्च डेवलपमेंट और टेस्टिंग में कई सालो का वक्त लगता है वंही ओला ने 8 महीने में प्लांट सेटअप किया और 1 साल  के अंदर ही प्रोडक्ट को लांच कर दिया कोई प्रॉपर  टेस्टिंग और रिसर्च एंड डेवलोपमेन्ट पर ध्यान नहीं दिया गया। क्यूंकि ओला के फाउंडर भावेश अग्रवाल का मानना है जो बच्चा 9 महीने में पैदा होता है उसको 9 अलग अलग ओरत प्रेग्नेंट होकर एक महीने में पैदा कर सकती है।

साल 2020 था  जब ओला ने इलेक्ट्रिक two व्हीलर मार्किट में एंटर करने का अनाउंसमेन्ट किया और इसके लिए इन्होने तमिलनाडु के कृष्णागिरी डिस्ट्रिक में 2400 करोड़ की इन्वेस्टमेंट के साथ दुनिया की सबसे बड़ा two व्हीलर manufacture  प्लांट सेटअप करने का फैसला लिया। और february 2021 से फैक्ट्री का construction work शुरू होता है और ऑक्टोबर 2021 तक यानि की  मात्र 8 महीने में ओला की फैक्ट्री बनाकर तैयार हो जाती है। 

फैक्ट्री के तैयार होने से पहले ही 15 जुलाई 2021 को ओला अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए ऑनलाइन बुकिंग ओपन करता है और इसमें कमाल की बात यह है कि एक दिन में एक लाख से ज्यादा लोग ओला के इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए बुकिंग करते हैं। इस बुकिंग की खास बात यह थी की मात्र 499 रूपए डिपाजिट करके कोई भी ओला के इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की ऑनलाइन बुकिंग कर सकता था। यही वजह थी की ओला को 1 लाख से ज़्यदा pri booking मिली थी। इसके दो महीने बाद यानि की 15 अगस्त 2021 की, इसी दिन ओला ने अपना पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर S1 एंड S1 प्रो को इंडिया में लांच किया, S1 की कीमत थी 1 लाख रूपए और S1 प्रो की कीमत थी 1 लाख 30 हजार। 

इस प्राइस रेंज में ओला अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर में ऑफर कर रहा था 181 किलोमीटर तक की लॉन्ग रेंज, 115km की टॉप स्पीड, फ़ास्ट चार्जिंग, 7 इंच की फुल्ली फीचर लोडेड स्मार्ट इंफोटेनमेंट सिस्टम,  led head लाइट, बड़ा बूट स्पेस  और भी कई सारे फीचर्स और सबसे खाश डायरेक्ट home डिलीवरी यानि की आपको शो रूम के चक्कर काटने की जरुरत नहीं ओला का इलेक्ट्रिक स्कूटर सीधा आपके घर पर डिलीवर होगा। इन सभी कारण से ही ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए उस टाइम लोगो ने काफी ज़्यदा क्रेज देखने को मिला। 

अब अक्टूबर 2021 फैक्ट्री बनाने के बाद मात्र 2 महीने में इन्होने पूरा सिस्टम और प्लांट सेटअप किया और  दिसंबर 2021 में ओला ने अपने फर्स्ट 100 स्कूटर कस्टमर को डिलीवर किये और यही शुरू होता है शिखायतो का सिलसिला।  लोगो की शिखायत थी इन स्कूटर में कई सारे फीचर्स थे ही नहीं जिनके कंपनी ने बड़े बड़े वादे किये थे। और सबसे बड़ी दिक्कते तब सामने आयी आने लगी जब लोगो ने ओला स्कूटर को यूज़ करना शुरू किया। इसके बाद दुनिया भर की समस्याएं जिनको अभी तक ओला सॉल्व नहीं कर पाया। 

poor customer support

दूसरा कारण है poor कस्टमर सपोर्ट,अगर ola के स्कूटर में कस्टमर को कोई इशू आता है तो इनका कस्टर सपोर्ट इतना बेकार है की महीनो तक स्कूटर सर्विस सेण्टर में पड़ा रहता  है। शुरुआत में इनके पास कोई शोरूम सर्विस सेंटर नहीं थे ऐसी कारण कंपनी ने स्कूटर की फैक्ट्री से डायरेक्ट होम डिलीवरी करवाई आज के टाइम में आल ओवर इंडिया में इनके लगभग 500 सर्विस सेण्टर है लेकिन  हाई कस्टमर कम्प्लेन की वजह से सभी सर्विस सेंटर फुल भरे पड़े रहते है। 

week management सिस्टम

अगला कारण है जिसकी वजह से कंपनी स्ट्रगल कर रही है वो week मैनेजमेंट सिस्टम। अब दोस्तों किसी भी कंपनी को चलाने के लिए स्किल्ड मैनपॉवर और प्रॉपर सिस्टम की जरूरत होती है।  लेकिन ओला के मामले में इन्होने सब कुछ इतनी जल्दबाजी में किया की ना इनके पास प्रॉपर मैनेजमेंट है ना कंपनी को चलाने वाला रेस्पोंसिबल पर्सन, कई रिपोर्ट्स में ये बात सामने आयी है की कंपनी के अंदर काफी टॉक्सिक वर्क कल्चर है इसकी वजह से पिछले कुछ सालो में ओला के टॉप लेवल के एक्सक्यूटिव और कई टेलेंटेड लोगो ने कंपनी को रिजाइन किया।

तो आज के टाइम में दोस्तों अगर आप ओला का इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने के बारे में सोच रहे हैं क्योंकि वह सस्ता है अच्छे खासे फीचर्स मिलते हैं तो हो सकता है आपको बाद में पछताना पड़े।  इसलिए सोच समझकर अपने मेहनत का पैसा सही जगह इन्वेस्ट करें। आपका ola स्कूटर में बारे में क्या ओपिनियन है कमेंट बॉक्स में जरूर बताये।

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